• 06 December, 2022
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चीन द्वारा पश्चिमी थिएटर कमांड के नए कमांडर की नियुक्ति – इस कदम के प्रति भारत का दृष्टिकोण

ब्रिगेडियर सनल कुमार (सेवानिवृत्त)
गुरु, 16 सितम्बर 2021   |   6 मिनट में पढ़ें

अर्जुन और सिकंदर के समय  से  ही प्रत्येक पक्ष अपने प्रतिपक्षी कमांडरों के संबंध में  जानकारी प्राप्त करता रहा है और यह समझने का प्रयास करता  है कि पूर्व में  उनके द्वारा अपने कौशल का प्रदर्शन किस प्रकार से किया  गया, उनके व्यक्तिगत लक्षण क्या हैं।  दोनो और से यह समझने का भी सतत प्रयास रहा है कि  बलों को कमान करने वाले व्यक्ति को उसके प्रमुख द्वारा क्षेत्र में कौन सा कार्य सौंपा गया है।

6 सितंबर को चीनी केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के छह लेफ्टिनेंट जनरलों को पूर्ण जनरल के पद पर पदोन्नत करने और  नई नियुक्तियों की घोषणा की। [1] छह  नवीन जनरलों में जनरल वांग हाइजियांग  भी शामिल थे, जो पश्चिमी थिएटर कमांड (डब्ल्यूटीसी) की कमान संभालते हैं, जिसका लद्दाख के साथ चल रहे गतिरोध सहित चीन-भारतीय वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीधा नियंत्रण है।

जनरल वांग हाइजियांग ने जनरल जू किलिंग  का स्थान लिया, जिन्हें इस  वर्ष जुलाई में पदोन्नत किया गया था। जू के पूर्ववर्ती, जनरल झांग ज़ुडोंग ने जनरल झाओ ज़ोंगकी की जगह ली, जिनकी देखरेख में दिसंबर 2020 में चीन-भारत टकराव आरंभ हुआ था। अतः पश्चिमी थिएटर कमांड ने  10 महीनों में चार कमांडरों  देखे।

डब्ल्यूटीसी कमांडर का अनुभव

जनरल वांग की  वर्तमान सैन्य प्रोफ़ाइल में निम्नलिखित नियुक्तियाँ शामिल हैं :

– दक्षिण शिनजियांग के डिप्टी कमांडर और 2016 तक एमडी।

– उप कमांडर के रूप में तिब्बत के एमडी में गए।

– जनवरी 2020 में तिब्बत एमडी के कमांडर के रूप में पदभार ग्रहण किया।

– साइड ने अप्रैल 2021 में शिनजियांग के एमडी के कमांडर के रूप में कदम रखा।

– पदोन्नत  हुएऔर 06 सितंबर 2021 को कमांडर, डब्ल्यूटीसी के रूप में नियुक्ति।

अतः यह देखा जा सकता है कि उन्होंने दक्षिण शिनजियांग सैन्य जिले (एमडी), तिब्बत के एमडी और झिंजियांग के एमडी में सेवा दी है। उनके पास “थिएटर में” अनुभव का खजाना रहा है। क्या थिएटर में काम करने का अनुभव वास्तव में एक मानदंड रहा है, यदि मानदंड नहीं है, तो पद के लिए उसका चयन पीएलए के  लिए सामान्य नहीं है, जिनका अतीत में इस पहलू से विशेष रूप से संबंध नहीं रहा है।

वांग इस वर्ष 58 वर्ष के हुए हैं। उन्हें 2019 में लेफ्टिनेंट जनरल रैंक पर पदोन्नत किया गया था। यदि वे  अच्छा काम करते हैं, तो उनके पास पदोंनति के लिए आयु  की वरिष्ठता, अनुभव, उच्च पद और जिम्मेदारी  है। केवल एक स्रोत है जो उनके वियतनाम युद्ध के अनुभव का वर्णन करता है, [2] परंतु  उस समय उनकी आयु केवल 16 वर्ष  थी और वह अनुभव अब उनके लिए अधिक सहायक नहीं होगा।

विश्लेषण

तिब्बत पर नए सिरे से ध्यान देना

वर्तमान तीन महीनों में  चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अनेक अति विशिष्ट व्यक्तियों  ने तिब्बत का दौरा किया, जो इस प्रकार हैं। [3]

स्पष्ट रूप से तिब्बत पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यात्राएं और रिपोर्ट सभी में “तिब्बत को प्रेरित करने” के लिए एक नए हमले का संकेत और यह सुनिश्चित  कराना हैं कि  अमित्र शक्तियों द्वारा संवेदनशील तिब्बत क्षेत्र  का शोषण नहीं किया जा सके। बताया जाता है कि शी द्वारा सिफारिश की गयी थी कि मौजूदा स्थिति में कार्यकर्ताओं के भीतर लड़ाई की भावना उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में, “दुनिया में  तीव्र गति से अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहे हैं और चीनी राष्ट्र का पुनरुद्धार एक महत्वपूर्ण स्थिति में आ गया है। सीसीपी के जोखिम और चुनौतियों में  अत्यधिक वृद्धि हुई है। बिना किसी संघर्ष के हमेशा शांतिपूर्ण वातावरण में रहने का सपना देखना अव्यावहारिक है।”

उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को परामर्श दिया कि : लड़ने की हिम्मत करो … किसी भी समय, कम्युनिस्टों के पास   मजबूती और साहस  हर समय होना चाहिए तांकि वे किसी  से न डरें और किसी के सामने न झुकें।” [4]

शी ने जो कहा, उस पर ध्यान देना आवश्यक नहीं है;  वह जनता के लिए है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय  उपयोग के लिए भी है। संभवत जो कहा गया है वह रिपोर्ट नहीं किया गया।  यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। तिब्बत और किंघई के कुछ हिस्से, मैदानी इलाकों के निवासियों और हान चीनीयों के लिए पारंपरिक रूप से “कठिन पोस्टिंग” रहे हैं। पार्टी की विचारधारा और नगद पुरस्कारों के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हान चीनी कभी भी तिब्बत में रहने और वहाँ काम करने के लिए सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाये।  वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा तिब्बत की अनिवार्य यात्राओं से बचने से संबंधित खबरें  भी आई हैं। [5] तिब्बत पर जबरन ध्यान केंद्रित किया जा रहा है,  जो स्पष्ट रूप से चीन-भारतीय संदर्भ में मौजूदा स्थिति की प्रतिक्रिया स्वरूप है और यह दर्शाता है कि तिब्बत की “शांतिपूर्ण स्वतंत्रता” के आधी सदी के बाद भी समन्वय की स्थिति अभी बहुत दूर है।

इसके अतिरिक्त दलाई लामा के उत्तराधिकार के मुद्दे पर यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि क्या बात हुई, किस  विषय पर हुई, यहां तक ​​कि रिपोर्टों में भी  इसका संकेत नहीं है। वास्तव में इस मुद्दे पर परदे के पीछे गतिविधियां तेज हो रही  हैं।  वास्तविकता यह है कि ऐसी संभावनाओं पर चर्चा तक न करना संदेह उत्पन्न करता है कि तिब्बत में किये जाने वाले यह रक्षात्मक उपाय आसन्न तूफान के संकेत हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण कमांड पदों पर नए कमांडर

जनरल जू किलिंग,  जो डब्ल्यूटीसी की कमान छोड़ चुके हैं, को कमांडर ईस्टर्न थिएटर कमांड (टीसी) के रूप में  तैनात किया जा सकता है अथवा वे बीजिंग जा सकते हैं। दक्षिणी टीसी के पास जुलाई 2021 से पूर्व से ही एक नया कमांडर है। सेना, नौसेना, वायुसेना, डब्ल्यूटीसी, एसटीसी और एनडीयू के सभी पीएलए कमांडर 2021 में पदोन्नत हुए हैं। ये सभी कमांडर अपेक्षाकृत युवा हैं और उनकी सेवानिवृत्ति में अभी तीन से चार वर्ष शेष है।

सीमाओं पर स्थिरता की आवश्यकता

अंतरराष्ट्रीय स्थिति तथा चीन-अमेरिका शीत युद्ध के  कारण, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को अपनी सभी सीमाओं पर स्थिरता की आवश्यकता है। चीन के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों की अचानक वापसी और अफगानिस्तान एवं मध्य पूर्व में अमेरिका (प्रकट)  की भागीदारी में कमी के परिणाम स्वरूप अमेरिका को  चीन की चुनौती को  अधिक बेहतर ढंग से  संभालने  में सहायता मिली है। शी युग में अब तक अपनाई गई आक्रामक नीतियों के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में पीछे हटना पड़ा है, जिससे चीन में यह धारणा बन गयी है कि “चीनी सपने” को पूरा करने के मार्ग में ईर्ष्यालु विश्व अवरोध पैदा  कर रहा है।

वफादार कमांडर

अपने कार्यकाल पर प्रतिबंध हटने के साथ ही, शी शायद अपने वर्तमान कार्यकाल  से इतर स्वयं को ड्राइविंग सीट पर देखने लगे हैं। “मातृभूमि का  एकीकरण” जैसा अधूरा एजेंडा वास्तव में 2035 और 2049  तक  के आने वाले वर्षों में पूरा हो सकता है। शी जिनपिंग  निकट भविष्य की योजनयों के लिए स्वयं  द्वारा पदोन्नत  किये गए व्यक्तियों  को महत्तवपूर्ण पदों पर नियुक्त कर सकता है।

पार्टी के सशस्त्र बल – “अनियमित” डीएनए

पीएलए, पार्टी से भी लंबे इतिहास का दावा करती है।  इस बात पर लगातार जोर दिया जाता रहा है कि पीएलए पार्टी के  पूर्ण नियंत्रण में है। अनियमित बल को देखते हुए, पीएलए का “नियमितिकरण” अभी भी प्रक्रिया में है। कई   स्तिथियाँ  जिन्हें दुनिया भर में सशस्त्र बल स्वीकार करते हैं, जैसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति आयु, नियुक्ति कार्यकाल, अनुशंसित करियर पथ,   ये  पीएलए में अभी विकसित किए जा रहे हैं। इसलिए, अस्पष्टता बनी रहने की संभावना है और हम पीएलए के शीर्ष अधिकारियों के करियर मार्गों को समझ पाने तथा उनकी  भविष्यवाणी करने में सक्षम नहीं  हैं।

निष्कर्ष

पीएलए की कार्मिक नीतियों में राजनीतिक “औचित्य” और सुधार जारी है।  वर्तमान  में हुए परिवर्तनों से  संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय और संप्रभुता के मुद्दों को समान महत्व दिया जा रहा है। पीएलए के कार्मिक परिवर्तन, विशेष रूप से उच्च रैंकों से यह संकेत मिलता है कि संवेदनशील सीमा क्षेत्रों, ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे  क्षेत्रों के साथ-साथ  मित्रों (गुआनक्सी) एवं  मुख्यालय कार्यालयों  में  कार्य करने का अनुभव आदि वर्तमान पदोन्नति  के मार्ग है।

परिशिष्ट भाग

मनोरंजक तथ्य

नए कमांडर डब्ल्यूटीसी के लिए चीनी अक्षर 汪海江 हैं। प्रत्येक अक्षर की बाईं ओर तीन बिंदु हैं जिसे मंदारिन में “कट्टरपंथी” कहा जाता है, यहां “वाटर रेडिकल”, 氵, एक कट्टरपंथी जिसे बोलचाल की भाषा में “पानी की तीन बूंदें” (三点水 – सान दीन शु) कहा जाता है। ), और बहते पानी का प्रतीक है। [6]

चीनी दर्शन में, पानी (चीनी: 水; पिनयिन: शू), तत्व का निचला बिंदु है, या तत्व खत्म होने या छिपे चरण है।  पांच तत्व, वू जिंग का पांचवां चरण जल है। पानी पांच तत्वों के चरित्र में सबसे अधिक सृष्टि का कर्मपात्र स्त्रैव तत्व है। इसकी गति नीचे की ओर और भीतर की ओर है। इसकी ऊर्जा स्थिरता और संरक्षण है। चीनी ताओवादी विचार में पानी बुद्धि और ज्ञान, लचीलेपन  और कोमलता का प्रतीक है।[7]

हमें  प्रतीक्षा करनी होगी और देखना होगा कि क्या नया कमांडर ज्ञान, और उदारता का प्रदर्शन करता है।

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References-

[1] . http://cpc.people.com.cn/n1/2021/0906/c64094-32219301.html, “The Central Military Commission held a ceremony to promote the rank of general”

[2] https://twitter.com/neilthomas123/status/1434937233434415108  Neil Thomas 牛犇 ,@neilthomas123[3] https://chanakyaforum.com/the-importance-of-tibet-ethnic-work-in-progress/, 12 Sep 2021   The Importance of Tibet – ‘Ethnic Work’ in Progress by Mr Claude Arpi 

[4] Ibid.

[5] Ibid.

[6] https://www.digmandarin.com/chinese-characters-learning-the-three-drops-of-water-radical.html[7] https://en.wikipedia.org/wiki/Water_(wuxing)

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लेखक
ब्रिगेडियर सनल कुमार (सेवानिवृत्त) चीन के बीजिंग में भारतीय दूतावास में एक पूर्व उप रक्षा अताशे हैं। उन्होंने एक बटालियन और ब्रिगेड की कमान के दौरान चीन से निपटने वाले सेना मुख्यालय और भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा और भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेवा की है।

अस्वीकरण

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POST COMMENTS (2)

Shailendra

सितम्बर 18, 2021
कमांडर साहेब, इतना टाइम चाइनीज के बदले हमारी सेना के बारे में सामान्य पब्लिक को समझाते तो ज्यादा अच्छा रहेगा, हमारे यहा नामों में भी अर्थ ढूंढा जा सकता है, और हमारा दर्शन शास्त्र समृद्ध है । और ये जो समझ ज्ञान दे रहे हो ये हमारे यह से चीन गया हुआ है, इस लिए वक्त रहते प्रबुद्ध हो ।

Shailendra

सितम्बर 16, 2021
XI जिनपिंग तू चाहे वो बदल के देख ले, अब तेरा और तेरे देश का समय खत्म हो गया है, जब युद्ध होगा तो सब का मालिक एक भारत ही होने वाला है, साले हिजड़े।

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